सिर्फ तुम

यह कविता एक ऐसे प्रेमी के दर्द को व्यक्त करती है जिसने अपने प्रिय को खो दिया है। वह महसूस करता है कि उसके जीवन में एक गहरा खालीपन आ गया है और उसकी यादें उसे लगातार परेशान करती हैं। उसने अपने प्रिय को भुलाने की बहुत कोशिश की, लेकिन किसी और में उसे अपनापन नहीं दिखता। उसका दिल केवल अपने खोए हुए प्यार की छवि को संजोए हुए है और किसी और को उस जगह पर स्वीकार नहीं कर सकता। उसे अपनी प्रिय की हँसी, बातें और साथ की कमी बहुत खलती है, जिससे उसका जीवन बेरंग और उदास हो गया है।

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लेखक : Simple Human
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