थककर बैठ जाऊं, ये मेरी फितरत नहीं, संघर्षों से डर जाऊं, इतनी भी हिम्मत नहीं। आंधियाँ चाहे जितनी तेज़ चलें, जुगनू बन अंधेरों में भी जलें।
1. हार नहीं मानूंगा 17 | 17 | 17 | 5 | | 12-05-2025 |
© Copyright 2023 All Rights Reserved