देशभक्ति सिर्फ भाव नहीं, हर सच्चे भारतीय के जीवन का संकल्प है। जब-जब धरती माँ ने पुकारा, तब-तब भारत के वीरों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर राष्ट्र की रक्षा की है। देशभक्ति केवल एक भावना नहीं, बल्कि वह अग्नि है जो सैनिकों के लहू में उबाल बनकर बहती है, वह प्रण है जो हमें हर कण में तिरंगे की शान बनाए रखने की प्रेरणा देता है। सीमा पर डटे जवान हों या समाज के लिए कार्यरत नागरिक – देशभक्त वही है जो अपने कर्तव्य को पूजा समझे। यह भावना तलवार नहीं, हौसले से लड़ती है; ये कफ़न से नहीं डरती, उसे तिरंगा बनाकर गर्व करती है। जब "भारत माता की जय" की गूंज उठती है, तब रणभूमि भी झुककर सलाम करती है। सच्ची देशभक्ति वही है जो हर सांस में, हर कर्म में राष्ट्रहित को रखे। यही हमारा धर्म है, यही हमारा सर्वोपरि फर्ज़ है। जय हिन्द! वंदे मातरम!
© Copyright 2023 All Rights Reserved