देशभक्त

सीमा की बर्फ़ीली रातों में जो जागता हूँ, कभी सिपाही बन, कभी एक शब्दों में आग भरता हूँ। कलम से भी लड़ता हूँ, बंदूक से भी, देश की मिट्टी से जन्मा हूँ, यही मेरा धर्म है, यही मेरी खुशी।

24 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved
दैनिक प्रतियोगिता

: rani
img