अनकहे जज़्बात ज़िन्दगी में खामोशी पहरा दिए , मैं मौन हूं फिजाओं में बहकर साहिल सहरा करते मंजिले
1. "जज़्बात" 22 | 10 | 12 | 5 | | 04-02-2024 |
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