अब ना कोई ग़लतफहमी रही, ना ही कोई ख्वाहिश अधूरी सही। उलझन को भी साथी बना लिया, और हर चुप्पी से दोस्ती निभा लिया।
1. उलझन समझ की 18 | 17 | 18 | 5 | | 30-04-2025 |
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