अनकहा दर्द

एक औरत (एक बेटी ,एक मां एक पत्नी ) हर रूप में अपनी खुशियों और अपने सपनो को त्यागकर अपना परिवार सजाती है। पर इस कविता के माध्यम से एक मां अपनी बेटी के दिल का हाल बिना उसके बताए समझ रही है ,क्योंकि जहां आज इसकी बेटी है कल वो भी खड़ी थी।

26 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved
दैनिक प्रतियोगिता

: Author
img