बुढ़ापे की थाती है सबसे सच्ची बाती। आज की थकन से जो जोड़े सपने, कल का आराम उन्हीं राहों से अपने।
1. " बुढ़ापे की थाती " 20 | 18 | 18 | 5 | | 26-04-2025 |
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