मैं तुमसे प्यार करती हूँ सिर्फ तुमसे मुझे नहीं बर्दाश्त है तुम्हें ऐसे किसी के साथ देखना तुम क्यूँ नहीं समझ पाए ये बात क्यूँ.. क्यूँ मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ ये याद रख लो अभिमन शर्मा ये कहते पहली बार अभिमन को आज रिचा की आँखों में एक नमी दिखाई दी। लेकिन अभी वो कुछ नहीं कहना चाहता था । अभी वो कुछ भी कहता तो रिचा कुछ समझ नही पाती । ये सब कुछ देर पहले हुआ वो उसी के लिए ही तो था । रिचा शर्मा शर्मा फार्मेसी इंडस्ट्री के Ceo की बेटी थी बचपन से उसने ऐसा जीवन जिया है पैसों की कोई कमी नही , ना , खाने, ना रहने की दिक्कत बचपन से ही जो उसने माँगा उस सब मिला । रिचा की एसी तकलिन्फो के बिना बीती जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया था जब वो 10 साल की थी । 10 साल की उम्र में वो एक लड़के से मिली थी जिसने उसके पुरे जीवन इतना बदल दिया था की वो उसे आज भी भुला नही पायी थी । रिचा एक खुले विचारों वाली लड़की थी लेकिन बचपन से ही अमीरी में पलने के कारण उसमें घमंड उभर आया था । वो अपने शहर के नामी स्कूल में पढ़ती थी जहाँ केवल उस शहर के नामी बच्चो को ही पढ़ने की इज़ाज़त थी । 10 साल उमर के हिसाब से वह क्लास पांचवी में न पढ़कर एक कक्षा आगे छठी कक्षा में थी । इसका कारण था उसका तेज़ दिमाग । कैसी लगी कहानी बताएगा जरूर
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