यह कविता बदलते मौसमों के माध्यम से जीवन के उतार-चढ़ाव और भावनाओं को दर्शाती है। जैसे-जैसे मौसम बदलते हैं—धूप, बारिश, सर्दी और वसंत आते-जाते हैं—वैसे ही इंसान के मन के भाव भी बदलते हैं। कविता हमें यह सिखाती है कि हर बदलाव अपने साथ एक नया अनुभव, एक नई सीख लेकर आता है।
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