यह कविता स्त्री की सुंदरता को केवल बाहरी रूप-रंग नहीं, बल्कि उसकी आत्मा, सहनशीलता, मुस्कान, और आंतरिक शक्ति के रूप में दर्शाती है। वह सुंदर है क्योंकि वह टूटकर भी जुड़ती है, दर्द में भी मुस्कुराती है, और हर रूप में एक जीवित कविता जैसी होती है।
© Copyright 2023 All Rights Reserved