मेरी आखिरी मुहब्बत

ना पहली , ना दूसरी  हो , तुम मेरी वो मुहब्बत हो , जो मेरी आखिरी मुहब्बत है , मेरी आखिरी सांस तक दिल पर जिसका पहरा होगा , जिसका नाम मेरे लबों पर होगा , भले ही हाथों की लकीरों में न हो ,

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दैनिक प्रतियोगिता

: Mahima
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