काश- Jîज्ञासा

काश! इस बार तुम्हारी चिट्ठी नहीं, बल्कि तुम आते. (एक सैनिक की प्रतीक्षा में) #प्रतियोगिता हेतु

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दैनिक प्रतियोगिता

: Jîज्ञासा
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