यह कविता एक फ़ौजी के त्याग, देशभक्ति, सच्चे प्रेम और फर्ज की एक गूढ़ और भावुक अभिव्यक्ति है
1. मैं तो फ़ौजी हूं 23 | 18 | 19 | 5 | | 05-04-2025 |
2. तू फौजी तो मैं प्रेमिका हूं 5 | 2 | 0 | 0 | | 08-04-2025 |
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