कोई तो ऐसा हो

कभी कभार बेसब्र होकर मैं रूठ  खुद से तो  , चाहती हूं कोई तो हो जो मनाए मुझे , अपने बातों के  अपनेपन के एहसास से प्यार जताएं कोई तो ऐसा हो जो मुझे पसंद आए , मैं खुद की उलझनों से ऊब गई हूं ,

14 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved
कविता

: Mahima
img