छल और छलिया!

जब एक भक्त से ये संसार छल करता हैं तब सृष्टि से बचाने उसे स्वयं छलिया आते हैं! जानने के लिए पढ़िए आज की कविता। आंचल गुप्ता ✍️....

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दैनिक प्रतियोगिता

लेखक : Anchal Gupta
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