जब एक भक्त से ये संसार छल करता हैं तब सृष्टि से बचाने उसे स्वयं छलिया आते हैं! जानने के लिए पढ़िए आज की कविता। आंचल गुप्ता ✍️....
1. छल और छलिया! 15 | 11 | 11 | 5 | | 17-03-2025 |
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