मतलबी

यह कविता "मतलबी दुनिया" की सच्चाई को दर्शाती है। इसमें दिखाया गया है कि आज के समय में रिश्ते स्वार्थ पर टिके होते हैं। जब तक किसी को जरूरत होती है, वे साथ निभाते हैं, लेकिन जैसे ही उनका काम पूरा होता है, वे बदल जाते हैं। दोस्ती और प्यार भी स्वार्थ का शिकार हो गए हैं, और सच्चे रिश्ते खोजना मुश्किल हो गया है। यह कविता सरल भाषा में जीवन की इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है।

15 Views
Time : 1

All Right Reserved
दैनिक प्रतियोगिता

: विजय सांगा
img