अच्छाई का रंग

यह कविता होली के त्योहार पर आधारित है, जो केवल रंगों का नहीं, बल्कि नेकी, प्रेम और भाईचारे का भी प्रतीक है। इसमें विभिन्न रंगों के माध्यम से अच्छाई के गुणों को दर्शाया गया है—लाल प्रेम का, पीला खुशी का, नीला शांति का, हरा आशा का और सच्चाई का उजला रंग। यह कविता हमें सिखाती है कि होली सिर्फ रंग लगाने का पर्व नहीं, बल्कि मन के मैल को मिटाकर स्नेह और विश्वास बढ़ाने का अवसर भी है।

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दैनिक प्रतियोगिता

: विजय सांगा
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