तेरी फितरत

यह कविता किसी खास व्यक्ति की जटिल और अनोखी फितरत को दर्शाती है। इसमें बताया गया है कि वह इंसान कभी गर्म धूप की तरह तेज़ होता है, तो कभी चाँदनी की तरह शांत। उसकी हँसी में एक तूफान छुपा है, तो उसकी चुप्पी में भी एक गहरी दास्तां है। वह कभी सुकून देता है, तो कभी बेचैन कर देता है। उसकी मोहब्बत में जादू है, लेकिन उसे समझ पाना आसान नहीं। उसकी शख़्सियत इतनी गहरी और रहस्यमयी है कि उसे पूरी तरह जानने के लिए खुद को खोने की हिम्मत चाहिए। यह कविता उस अनोखे इंसान की प्रशंसा करती है, जो अपनी अलग और अद्भुत फितरत से हर किसी को प्रभावित करता है।

13 Views
Time : 1 Min

All Right Reserved
कविता

: Wishcard Sangeeta
img