विधवा कहलाई हूं

अभी - अभी तो कच्ची कलियां खिली थी , अभी तो वो मुस्काई थी , अभी तो नए सपने संजोए थे उसने , अभी तो नया सवेरा हुआ था जीवन में ,

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कविता

: Mahima
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