सरल है नदी

यह कविता प्रकृति की सुंदरता और नदी के बहते जीवन पर आधारित है। इसमें नदी की कोमलता, उसकी कल-कल ध्वनि, जीवनदायिनी शक्ति और उसकी अनवरत यात्रा को सरल शब्दों में प्रस्तुत किया गया है। नदी सिर्फ जलधारा नहीं, बल्कि जीवन का प्रतीक है, जो धरती, जीव-जंतुओं और इंसानों को संवारती और संजोती है। यह कविता बच्चों और बड़ों, सभी के लिए प्रेरणादायक और आनंददायक है।

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दैनिक प्रतियोगिता

: विजय सांगा
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