अनकही मोहब्बत

"अनकही मोहब्बत" रिया और आरव एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। आरव पढ़ाई में तेज़ और शांत स्वभाव का था, जबकि रिया चंचल और खुशमिजाज लड़की थी। दोनों की बातचीत कभी ज्यादा नहीं होती थी, लेकिन रिया हमेशा छुप-छुपकर आरव को देखती रहती थी। एक दिन कॉलेज के लाइब्रेरी में रिया ने देखा कि आरव एक किताब पढ़ रहा था—"True Love Never Ends"। उसने हिम्मत जुटाई और पास जाकर कहा, "क्या सच में सच्चा प्यार कभी खत्म नहीं होता?" आरव ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "अगर सच्चा हो, तो कभी नहीं।" उस दिन के बाद दोनों की दोस्ती हो गई। किताबों पर चर्चा से शुरू हुई ये दोस्ती धीरे-धीरे गहरे जज़्बातों में बदल गई। लेकिन रिया को डर था कि कहीं आरव सिर्फ दोस्ती तक ही सीमित न रहे। एक दिन रिया ने मज़ाक में पूछा, "तुम्हें कभी किसी से प्यार हुआ है?" आरव ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा, "हाँ, पर मैंने उसे कभी बताया नहीं।" रिया का दिल जोर से धड़कने लगा। उसने हिम्मत करके पूछा, "कौन है वो?" आरव ने मुस्कुराकर कहा, "जिसने अभी-अभी मुझसे ये सवाल पूछा।" रिया की आँखों में खुशी के आँसू थे। उसे एहसास हुआ कि उसकी अनकही मोहब्बत सिर्फ उसकी नहीं थी, बल्कि आरव भी उसे उतना ही चाहता था। "सच्चा प्यार अनकही बातों में भी महसूस हो जाता है।" अगर आपको इस कहानी का कोई खास टच चाहिए, तो बताइए, मैं इसे और भी दिलचस्प बना सकता हूँ!

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कविता

: Saru
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