सपनो का घर

सपनों का घर छोटा ही सही, मगर उसमें प्यार, सुकून और खुशियों की छाँव हो। जहाँ हँसी-ठिठोली हो, सुकून भरी ठंडी हवा चले, और रिश्तों में बस अपनापन झलके। छल-कपट से दूर, एक नन्हा सा संसार, जहाँ हर लम्हा खुशगवार हो।

13 Views
Time : 1

All Right Reserved
कविता

लेखक : Simple Human
img