बदल रही, दुनिया, बदल रहे है, लोग पर तू खुद पर अवश्य लगाना, रोक स्वार्थ खातिर प्रभु के लगाते है, धोक ऐसे को न बता कभी मन के बोल
1. बदलते लोग 17 | 16 | 16 | 5 | | 21-02-2025 |
© Copyright 2023 All Rights Reserved