खाली किताब

यह कविता एक खाली किताब के प्रतीक के माध्यम से हमारे जीवन की अनलिखी कहानियों को दर्शाती है। कभी हम अपने सपनों, भावनाओं और यादों को शब्दों में ढाल नहीं पाते, लेकिन जब हिम्मत जुटाकर पहला शब्द लिखते हैं, तो एक नई कहानी की शुरुआत होती है। यह कविता प्रेरित करती है कि हम अपने जीवन के पन्नों को खुद भरें और अपनी अनकही बातें दुनिया के सामने लाएँ।

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दैनिक प्रतियोगिता

: विजय सांगा
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