प्यार की निशानी

कविता विवरण: यह कविता प्रेम की अमिट निशानियों को समर्पित है। इसमें उन यादों, एहसासों और निशानों का जिक्र किया गया है, जो किसी के दिल में बसे प्यार को जीवंत रखते हैं। चाहे प्रेमी पास हो या दूर, उसकी मौजूदगी हर छोटी-बड़ी चीज़ में महसूस होती है—कभी चाँदनी में, कभी हवा के झोंकों में, तो कभी किताबों में दबे सूखे गुलाब में। यह कविता प्रेम की शाश्वतता और उसकी मधुर स्मृतियों को खूबसूरती से व्यक्त करती है।

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दैनिक प्रतियोगिता

: विजय सांगा
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