तेरे प्यार की निशानी

तेरे प्यार की निशानी को, मैंने संजो के रक्खा है। दिल में तुमको और तेरे खत को किताबों में छुपा के रक्खा है। क्या तुमने भी ऐसी ही संभाल है मेरे प्यार की निशानी को। मेरे दिए गुलाब और मेरे लिखे खतों को।

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दैनिक प्रतियोगिता

: निर्मेश
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