आँखों में जो ख्वाब सजे, मैं उन ख्वाबों का जिक्र करूँ, तेरी ज़ुल्फ़ों की छाँव में बैठ, तेरी बातों का इश्क करूँ।
1. इज़हारे-इश्क 11 | 8 | 11 | 5 | | 08-02-2025 |
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