यह कविता सितारों और चाँद के बीच होने वाली एक खूबसूरत बातचीत को दर्शाती है। चाँद अपने अकेलेपन और जलने के दर्द को बयां करता है, तो सितारे भी अपनी पीड़ा साझा करते हैं। लेकिन अंत में वे सब यह समझते हैं कि रोशनी देने के लिए जलना ही उनकी तक़दीर है। दर्द को अपनाकर भी, अंधेरे में चमकना ही उनकी असली पहचान है। ***"जो जलते हैं, वही रोशनी बाँटते हैं, अंधेरों से लड़कर ही सितारे चमकते हैं।"***
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