इंतजार

इंतजार करता हूं हर पल, कभी तो याद मेरी आएगी। तू होगा बेचैन और पुरानी याद तुझे तड़पाएगी। कैसे भूल गया तू सब कुछ, तू मेरा और मैं तेरी ही तो थे सब कुछ। तेरे दिल में मैं बसती थी, और मेरे दिल में तेरा ठिकाना था। एक दूजे में खोए रहते थे हम, कहां परवाह हमें जमाने का था। जाने क्या मजबूरी हुई तेरी, बना ली क्यों मुझसे दूरी।

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दैनिक प्रतियोगिता

: निर्मेश
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