जीसने भरी सभा में खोलें कहीं राज़ गहरे, हमारी नज़र उन बोलतीं आंखों पर ही ठहरे।
1. बोलतीं आंखें 15 | 10 | 13 | 5 | | 01-02-2025 |
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