चांदनी रात

चांदनी बिखरी धरा पर, चुपके से मुस्कुराए, शीतल किरणें गगन से, धरती को सहलाए। नदियों के जल में छनकर, मोती-सी झिलमिलाए, शाखों पर छनती रोशनी, सपनों को बहलाए।

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: Aastha
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