Propkaar

परोपकार मुस्कानों की कीमत समझो, दुखते दिल का दर्द बांटो। जो रोते हों अंधेरों में, उनकी रातों में दीप जलाओ।

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दैनिक प्रतियोगिता

लेखक : vee.vee.writtzz
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