गांवों में जहाँ कभी प्रेम और भाईचारे की खुशबू थी, अब वहां भी जहर फैल चुका था। लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे। भाई भाई का दुश्मन बन बैठा था, बेटा अपने ही पिता को घर से निकालने की फिराक में था। प्यार और रिश्तों की अहमियत पैसों के तले कुचल दी गई थी। हर कोई बस खुद के लिए जी रहा था, और बाकी सब उसके लिए नासमझ थे। इसी अंधकार में एक प्रेम कहानी भी सुलग रही थी—आरव और सिया की कहानी।
© Copyright 2023 All Rights Reserved