दिल की दास्तां

*दिल की दास्तां* दिल के अल्फाज मेरे सुन लो, हर एहसास मेरे संग चुन लो। साँसों में जो खुशबू बसी है, वो तुम्हारी मोहब्बत की नमी है। तुम्हारी आँखों का यह जादू, हर पल मुझे करता बेकाबू। तेरी मुस्कान का उजाला, बन गया है मेरा सहारा। चाँदनी रातों में जब तारे चमकते, तुम्हारे ख्याल मेरे दिल में मचलते। तेरी हंसी जैसे सतरंगी इंद्रधनुष, तेरी बातें सुन, दिल जाता कहीं और। जब तुम पास हो, हर ग़म खो जाता, तुमसे दूर, वक्त थम सा जाता। तेरा प्यार मेरी दुनिया का नूर है, तेरे बिना सब अधूरा, सब दूर है। जैसे बहारों में खिलते फूल, वैसे तेरे साथ सब अनुकूल। तेरे बिना जीवन वीरान लगे, तेरे संग, हर सपना आसान लगे। तेरे कदमों की आहट से दिल धड़कता, तेरे बिना मन वीरान भटकता। तेरी बातों से सजती मेरी शामें, तेरी यादों में डूब जाती सारी रातें। तेरी सूरत में बसा है खुदा, तेरा नाम ही मेरा है दुआ। तेरे बिना सब सूना लगता, तू ही है, जो दिल को समझता। हर पन्ने पर तेरा नाम लिखा, दिल की किताब में तेरा ही किस्सा। हर सांस तुझसे बंधी हुई है, तेरी मोहब्बत में मेरी जिंदगी सजी हुई है। जो भी हो, बस साथ तुम्हारा चाहिए, इस दिल को तेरा ही सहारा चाहिए। तुम्हारी मोहब्बत ही मेरा जहाँ है, तुम ही मेरी आरज़ू, तुम ही मेरी दास्तां है। दिल के अल्फाज मेरे सुन लो, जिंदगी के हर पल में बस तुम चुन लो। लिख रहा हूँ तुम्हारे लिए इसे दिल से पढ़ लो, मेरी मोहब्बत को अपने दिल में जगह दे दो। *कुंदन राज दत्ता "निश्छल"*

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प्यार

: "निश्छल"
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