"स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति"(कविता)

जहाँ न्यायलय द्वारा स्वैच्छिक निर्णय लेने में विलंब हो तब मेरे भीतर का आक्रोश मेरी कलम द्वारा इस कविता में बयां करते मेरे एहसास व पीढ़ा..... #प्रतियोगिता हेतु

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: Shivam Bhatt "साहित्य"
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