जहाँ न्यायलय द्वारा स्वैच्छिक निर्णय लेने में विलंब हो तब मेरे भीतर का आक्रोश मेरी कलम द्वारा इस कविता में बयां करते मेरे एहसास व पीढ़ा..... #प्रतियोगिता हेतु
1. "स्वैच्छिक स्वीकारोक्ति" 10 | 2 | 8 | 5 | | 22-12-2023 |
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