KHOYI HAWAYEIN

               रात का दूसरा पहर था। सर्दी इतनी की सांसे भी धुंध बनकर बाहर निकल रही थी। निया और सौम्य, दोनों दोस्त, इस रात में उस वीरान हवेली की ओर बढ़ रहे थे। ये हवेली भूतिया कहानी और खौफनाक घटनाओं के लिए मशहूर थी। लेकिन जर्नलिस्ट का जुनून सौम्य को वह खींच लाया था, और निया उसकी साथी उसे अकेले नहीं। जाने देना चाहती थी।     जैसे ही वो हवेली के करीब पहुंचे, हवेली में एक अजीब सी गंध घुल गई। जले हुए मास की!!! सौम्य ने नोटबुक में कुछ लिखा और निया से कहा," याद रखो, जो कुछ भी हो शांत रहना।         हवेली का दरवाजा पुराना और टूटा हुआ था, जैसे किसी ने उसे जबरदस्ती खोलने की कोशिश की हो। अंदर कदम रखते ही ठंडी हवा का एक तेज झोंका दोनों को लगा, मानो किसी ने उनका स्वागत किया हो।               दीवारों पर जले हुए निशान थे। फर्श पर राख और टूटे हुए कांच बिखरे हुए थे। लेकिन जो सबसे ज्यादा डरावना था, वह थी एक कोने में एक जल चुकी कुर्सी!! उसके चारों तरफ जमीन पर लाल निशान थे, जो सूखे खून की तरह दिख रहे थे।     तभी हवा में किसी के रोने की आवाज गूंजी। निया ने कांपते हुए सौम्य की तरफ देखा " ये जगह ठीक नहीं लग रही " उसने फुसफुसाते हुए कहा।     सौम्य ने उसे शांत रहने का इशारा किया। और जिस तरफ से आवाज आई थी उस दिशा में बढ़ने लगा। जैसे ही वो दूसरे कमरे में पहुंचे, उनकी टॉर्च की रोशनी में एक जली हुईं औरत की आकृति दिखाई दी। उसका चेहरा बेहद डरावना था। उसकी स्किन काली और फटी हुई थी। और उसके कपड़े राख में लिपटे हुए थे।               वो औरत ठंडी आवाज में फुसफुसाई " तुम क्यों आए हो यहां ? क्या तुम्हे भी जलना है ? "      निया ने चीखते हुए पीछे हटने की कोशिश की, लेकिन औरत की जली हुई उंगलियों ने उसकी कलाई पकड़ ली। उसकी उंगलियां इतनी ठंडी थी कि निया की स्किन सुन्न पड़ गई।    सौम्य ने हिम्मत जुटकर औरत से कहा " हम यहां सच जानने आए है। तुम्हे क्या हुआ ? "       औरत ने अपनी जलती हुई आंखों से सौम्य को देखा और कहा " यहां से चले जाओ। वरना वो आ जाएगा!! "         "  कौन ?? " सौम्य ने पूछा।                            और तभी कमरे की हवा ठहर गई। पूरे कमरे में एक भयंकर गंध फैलने लगी, और एक सिर कटा आदमी कमरे के कोने से बाहर आया। उसकी आँखें सफेद थी, और वो अपने कटे हुए सिर को हाथ में पकड़े हुए था। उसके गले से खून की बूंदे टपक रही थी, जो जमीन पर गिर के गायब हो रही थी।      सिर कटा आदमी धीरे धीरे उनकी ओर बढ़ा और गरजते हुए बोला " ये मेरी जगह है। जो भी यहां आता है उसे मै अपनी दुनिया में खींच लेता हु। "                    निया ने पूरी ताकत से अपनी कलाई छुड़ाई और दरवाजे की ओर दौड़ पड़ी। लेकिन दरवाजा खुद ब खुद बंद हो गया। जली हुई औरत  ने जोर से हंसते हुए कहा " तुम अब बाहर नहीं जा सकते। तुमने हमें जगा दिया है। "                   सौम्य ने कैमरा निकाला और रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। उसने आदमी से कहा " तुम कौन हो ? और ये सब क्या है ? "                                 आदमी ने अपना सिर अपने हाथ से उठाया और अपने खाली गले से एक रूह कपा देने वाली चीख निकाली। हवा इतनी तेज हो गई कि कमरे के सारे सामान हवा में उड़ने लगे। औरत ने कहा " तुम हमारे जैसे बन जाओगे। ये हवेली अब तुम्हारी भी कब्र है। "          सौम्य और निया ने भागने की कोशिश की, लेकिन दोनों के पैरों के नीचे की जमीन खिसकने लगी। वो दोनों जमीन पर गिर गए। और सिर कटा आदमी उनके ऊपर झुक गया।   अचानक कैमरे की स्क्रीन काली हो गई। आखिरी फ्रेम में वो जली हुई औरत और सिर कटा आदमी दिख रहे थे। दोनों उनकी तरफ देख मुस्कुरा रहे थे।                   अगली सुबह, लोगो ने बाहर सौम्य और निया की गाड़ी खड़ी देखी। लेकिन वो दोनों गायब थे। कैमरा गाड़ी की पीछे की सीट पे पड़ा था। उसमें रिकॉर्डिंग का आखरी खौफनाक नजारा वही जली हुई औरत और सिर कटा आदमी था, जो स्क्रीन पर देख कर अचानक  मुस्कुराने लगे।                      हवाएं अब भी सिसक रही थी। कहते है जो भी उस हवेली के पास जाता है, वो उन हवाओं का हिस्सा बन के रह जाता है। अगली बार कौन होगा ??? क्या आप जाना चाहेंगे उन खोई हुई हवाओं में खुद को खोने के लिए ?? क्या आप को अपने पास चल रही हवा में किसी के फुसफुसाने आवाज तो नहीं आ रही ?? क्या आप को सुनाई दे रही है उन सिसकियों की आवाज जो उन हवाओं में घुली है ??                                                   


: Sansi
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